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Article 285 In Hindi | Article 285 Of Indian Constitution In Hindi | अनुच्छेद 285 क्या है

इसमे आपको Article 285 Of Indian Constitution In Hindi के बारे मे बताया गया है। अगर आपको Article 285 In Hindi मे जानकारी नहीं है कि अनुच्छेद 285 क्या है, तो इस पोस्ट मे आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

अनुच्छेद हमारे भारतीय संविधान मे दिए गए है, जिसमे हर एक प्रावधान को एक अंक दिया गया है, जिसमे इसमे Article 285 के बारे मे भी बताया गया है। भारत के हर व्यक्ति को Indian Constitution Articles के बारे मे जानकारी जरूर से जरूर होनी चाहिए ही।

Article 285 In Hindi

अनुच्छेद 285 – संघ की संपत्ति को राज्य कराधान से छूट
(1) संघ की संपत्ति, जहां तक ​​संसद कानून द्वारा अन्यथा प्रदान कर सकती है, को छोड़कर, किसी राज्य द्वारा या किसी राज्य के भीतर किसी प्राधिकरण द्वारा लगाए गए सभी करों से छूट दी जाएगी।
(2) खंड (1) में कुछ भी, जब तक संसद कानून द्वारा अन्यथा प्रदान नहीं करती है, किसी राज्य के भीतर किसी भी प्राधिकरण को संघ की किसी भी संपत्ति पर कोई कर लगाने से नहीं रोकेगा, जिसके लिए ऐसी संपत्ति इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले उत्तरदायी थी या माना जाता था उत्तरदायी है, जब तक कि वह कर उस राज्य में लगाया जाता रहेगा।

Indian Constitution Part 12 articles

Article 285 Of Indian Constitution In English

Article 285 – Exemption of property of the Union from State taxation
(1) The property of the Union shall, save in so far as Parliament may by law otherwise provide, be exempt from all taxes imposed by a State or by any authority within a State.
(2) Nothing in clause ( 1 ) shall, until Parliament by law otherwise provides, prevent any authority within a State from levying any tax on any property of the Union to which such property was immediately before the commencement of this Constitution liable or treated as liable, so long as that tax continues to be levied in that State.

नोट- इसमे कही सारी बाते भारतीय संविधान से ही ली गई है। यानी यह संविधान के शब्द है।.

अनुच्छेद 285 मे क्या है

वाद-विवाद संक्षेप – मसौदा समिति के अध्यक्ष ने प्रस्तावित संशोधन का जवाब दिया और कहा कि जिस व्यक्ति के हितों का किसी विशेष संगठन में प्रतिनिधित्व नहीं है, उस व्यक्ति की किसी भी संपत्ति पर उस संगठन द्वारा कर नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एक स्थानीय निकाय राज्य विधानमंडल से अपना कर अधिकार प्राप्त करता है – ऐसे मामले में संघ को यह कभी नहीं पता होगा कि एक स्थानीय निकाय किस कर को एकत्र करने के लिए अधिकृत है, कर की प्रकृति और इसकी सीमा।

उन्होंने तर्क दिया कि मसौदा अनुच्छेद का इरादा संसद को पूरी तरह से करों के लिए उत्तरदायी होने से छूट देना नहीं था, बल्कि यह संसद को स्थानीय प्राधिकरण की कर शक्ति की जांच करने की अनुमति देना है। संशोधन अंततः वापस ले लिया गया था, और मसौदा अनुच्छेद 9 सितंबर 1949 को अपनाया गया था।

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Final Words

आपको यह Article 285 Of Indian Constitution In Hindi की जानकारी कैसी लगी नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। बाकी मैने Article 285 In Hindi & English दोनो भाषाओं मे बताया है जैसे कि Anuched 285 Kya Hai? अगर Article Of Indian Constitution से संबंधित कोई प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते है, बाकी पोस्ट को दोस्तो मे शेयर जरूर करें।

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